ये हैं भारत की 5 श्रापित जगहें! आज भी यहां जाने से डरते हैं लोग, करते हैं भूत होने का दावा!

भारत में कई ऐसी जगहें हैं जिन्हें श्रापित माना जाता है. आज हम आपको उन्हीं 5 श्रापित जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां सालों से लोग जाने से घबराते आए हैं क्योंकि उन्हें डर रहता है कि वहां का श्राप उनके ऊपर न लग जाए.

दुनिया में बहुत से देश हैं जहां भूत-प्रेत, बुरी शक्तियों और आत्माओं में यकीन करते हैं. कुछ के लिए ये महज अंधविश्वास होता है वहीं बहुतों को ये बातें काल्पनिक लगती हैं. भारत भी ऐसा ही देश है जहां ऐसी चीजों पर लोग आसानी से यकीन कर लेते हैं. हमारे यहां बहुत सी जगह श्रापित मान ली जाती हैं और पुरानी कहानियों से जोड़कर उन्हें देखा जाता है. आज हम आपको भारत की ऐसी ही 5 श्रापित जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां सालों से लोग जाने से घबराते आए हैं क्योंकि उन्हें डर रहता है कि वहां का श्राप (cursed places in India) उनके ऊपर न लग जाए.

हिमालय में रूप कुंड झील को श्रापित माना जाता है. इस झील के चारों तरफ नर कंकाल पड़े होने का दावा किया जाता है. उत्तराखंड में मौजूद इस झील के पास भी कोई जाने की हिम्मत नहीं करता है.



पिठौरिया गांव झारखंड में स्थित है. रांची से करीब 20 किलोमीटर दूर मौजूद इस गांव को श्रापित माना जाता है. लोगों का कहना है कि यहां विश्वनाथ नाम का एक शख्स था जिसे मौत की सजा सुनाई गई थी. तब उसने गांव को श्राप दिया था कि यहां हमेशा बिजली गिरती रहेगी और यहां मौजूद किला वीरा पड़ा रहेगा. श्राप के डर से लोग गांव छोड़कर भाग गए.



कुलधरा गांव राजस्थान के जैसलमेर से सिर्फ 20 किलोमीटर दूर है. देखने में ये किसी खंडहर जैसा लगता है. पर सालों पहले गुलजार हुआ करता था. माना जाता है कि यहां ब्राह्मण लोग रहा था करते थे. पर इलाके के दीवान की बुरी नजर गांव की लड़कियों पर रहती थी. अपने परिवार की औरतों को बचाने के लिए ही लोग यहां से चले गए और इस गांव को श्राप दिया कि ये दोबारा कभी नहीं बस पाएगा.



भानगढ़ किला श्रापित होने के साथ भूतिया भी है और इस भारत की सबसे डरावनी जगह माना जाता है. लोगों का मानना है कि एक तांत्रिक ने इस किले को श्राप दिया था, जिसके बाद से यहां अजीबोगरीब घटनाओं को मेहसूस करने का दावा लोगों ने किया है. बहुत से लोगों ने बताया कि किले में रोने और चीखने-चिल्लाने की आवाज आती है, साथ ही सुबह यहां नींबू-सिंदूर जैसी चीजें भी मिलती हैं.



गंधर्वपुरी गांव मध्य प्रदेश में मौजूद है. रिपोर्ट्स की मानें तो जहां ये गांव है, उस इलाके पर गंधर्वसेन नाम के राजा का राज था. राजा ने गांव को श्राप दिया था जिसके बाद पूरा गांव पत्थर का बन गया था. बहुत से लोगों का ये भी मानना है कि यहां धरती के अंदर गांव के अंश अभी भी मौजूद हैं. इस गांव में बसने के बारे में कोई भूलकर भी नहीं सोचता.