पापा मौत के मुंह में जा रहे थे, बेटे ने दान किया अपना लीवर, जाने फिर क्या हुआ

जब बेटा पिता के कंधे से ऊपर हो जाता है तो ये उसकी जिम्मेदारी होती है कि वह अपने माता-पिता का ख्याल रखें। ऐसे में एक युवक ने अपने बीमार पापा को जिंदा रखने के लिए अपना 65 फीसदी लीवर ही दान कर दिया। दरअसल उसे डॉक्टर ने कहा था कि आपके पिताजी के पास सिर्फ 6 महीने का समय है। उन्हें एक लीवर की बीमारी है। बिना लीवर ट्रांसप्लांट उनकी जान नहीं बचेगी।



पिता की बीमारी को सुन बेटा पहले तो हैरान रह गया। उसके पिता ने आज तक शराब और सिगरेट को हाथ नहीं लगाया था। पापा ने उससे कहा था कि ‘बेटा मैं मरना नहीं चाहता, तुझे ग्रेजुएट होते देखना चाहता हूं।’ घर में ये परेशानी चल ही रही थी कि कोरोना की दूसरी लहर आ गई। बेटा कोविड पॉजिटिव हो गया। उसने खुद को आइसोलेट कर लिया। इस दौरान वह अपने पिता के बारे में सोच बहुत रोया।



बेटा जब ठीक हुआ तो उसने पिता को लीवर देने का मन बना लिया। पापा ने बोला कि तुझे आगे चलकर कुछ हुआ तो खुद को माफ नहीं कर पाऊँगा। लेकिन बेटा बोला पापा आप टेंशन मत लो। ये हमारी लड़ाई है, साथ मिलकर लड़ेंगे। बेटे का लीवर फैटी थी। इसलिए पहले उसने व्यायाम कर और खान-पान का ध्यान रख सेहत सुधारी। फिर जब लीवर ट्रांसफर करने के लायक हो गया तो डॉक्टर्स ने बेटे का 65 फीसदी लीवर निकाल पिता के पेट में लगा दिया।



इस ऑपरेशन में उन्होंने अपनी बचत के 20 लाख रुपए लगा दिए। हालांकि बाप-बेटे की खुशी के आगे इन पैसों की कोई कीमत नहीं थी। दोनों की पॉजिटिव सोच ने इस बीमारी को हरा दिया। अब बाप-बेटे साथ में रिकवर हो रहे हैं। बेटा ऑपरेशन के दो दिन पाले ग्रेजुएट भी हुआ।