JCB से तैयार हुआ 242 क्विंटल प्रसाद, डाले गए 6 क्विंटल काजू-बादाम, 24 क्विंटल देसी घी

मंदिर में मिलने वाली प्रसादी भक्तों के लिए बहुत खास होती है। आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां इतनी अधिक मात्रा में  प्रसादी बनती है कि उसे तैयार करने के लिए जेसीबी मशीन की सहायता लेनी पड़ती है। हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं वह जयपुर जिले के कोटपूतली के ग्राम पंचायत कल्याणपुरा कलां के कुहाडा गांव की पहाड़ी पर स्थित भैंरूजी मंदिर है।



30 जनवरी को को भैंरूजी मंदिर के 13वें वार्षिकोत्सव का आयोजन हुआ। इसमें लाखों श्रद्धालुओं के लिए 242 क्विंटल चूरमे की प्रसादी तैयार की गई। इस चूरमे को थ्रेसर की सहायता से पीसकर और जेसीबी से मिलाकर 6 ट्रालियों में भरकर रखा गया। 242 क्विंटल चूरमे की इस प्रसादी में 135 क्विटंल गेंहू का आटा व सूजी, 24 क्विंटल देसी घी, 70 क्विंटल खाण्ड़, 5 क्विटंल मावा, 2 क्विंटल काजू, 2 क्विटंल बादाम, 2 क्विंटल किशमिश व 2 क्विटंल खोपरा का इस्तेमाल हुआ।



इस चूरमे को बनाने के लिए 85 हलवाई की टीम ने काम किया। वहों श्रद्धालुओं के लिए करीब 65 क्विंटल दही और 60 क्विंटल दाल भी तैयार की गई। इस डाल को बनाने में 30 पीपा सरसों तेल, 5 क्विंटल टमाटर, 2 क्विंटल हरी मिर्ची, 1 क्विंटल हरा धनिया, 60 किलो पिसी लाल मिर्च, 60 किलो हल्दी, 40 किलो जीरा इस्तेमाल हुआ। वहीं प्रसादी बांटने के लिए डेढ़ लाख से अधिक पत्तल और चाय-कॉफी के लिए 4 लाख कप मंगवाए गए।

भैंरू बाबा को दही-चूरमे का भोग लगाया जाता है। सुबह कलश यात्रा निकाली गई। वार्षिकोत्सव पर भंडारे के अलावा कलाकारों की डांस प्रस्तुति भी रखी गई। वहीं भैरू बाबा के मन्दिर पर हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा आकर्षण का केन्द्र रही।