Jaya Kishori के बचपन की ऐसी तस्वीरें, जो अभी तक आप नहीं देख पाए हैं..चौंक जाएंगे!

सोशल मीडिया पर लोग जया किशोरी के बारे में ढूंढ-ढूंढकर पढ़ रहे हैं. इसी बीच हम आपके लिए कुछ ऐसी तस्वीरें लेकर आए हैं जो अभी तक आपने नहीं देखी होंगी. ये सभी तस्वीरें जया किशोरी के बचपन की तस्वीरें हैं जप बेहद क्यूट और प्यारी लग रही हैं. आप इसे देखेंगे तो बिना शेयर किए हुए नहीं रह पाएंगे.

वैसे तो जया किशोरी अपने बचपन से ही कथा और कीर्तन करती हुई आ रही हैं लेकिन हाल ही के दिनों में वे सोशल मीडिया पर मॉटिवेशनल स्पीकर के रूप में भी काफी चर्चा में रही हैं. उनके एक-एक बयान सुर्खियां बटोर रहे हैं. इतना ही नहीं उनके निजी जीवन के बारे में भी लोग पढ़ने के लिए काफी उत्सुक रहते हैं. इस बार हम उनके बचपन की कुछ शानदार तस्वीरें लेकर आए हैं.



दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जया किशोरी ने 9 साल की उम्र में संस्कृत में लिंगाष्टकम, शिव तांडव स्त्रोत, रामाष्टकम जैसे तमाम स्रोत याद कर लिए थे. इन्हें गाना भी शुरू कर दिया था.

उनके तमाम भजन टीवी पर लाइव टेलीकास्ट होते थे. उनके शुरुआती गुरु गोविंद राम मिश्र थे, उन्होंने ही उन्हें ‘किशोरी जी’ की उपाधि दी थी. जया किशोरी पर उनके दादा-दादी का काफी प्रभाव पड़ा था.



जया किशोरी मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली हैं. ब्राह्मण परिवार में जन्मीं जया किशोरी के घर में शुरू से आध्यात्म का माहौल था. इसी माहौल ने उन्हें कृष्ण भक्ति में सराबोर होने का मौका दिया.



जया किशोरी अभी अविवाहित हैं और उन्होंने किसी से शादी नहीं की है. उनके परिवार में माता-पिता के साथ एक छोटी बहन भी है. उनकी शादी को लेकर कई तरह की खबरें सामने आती रहती हैं.

हाल ही में सुर्खियों में आए बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र शास्त्री के साथ उनका नाम जुड़ा था, लेकिन बागेश्वर धाम ने इस बात का खंडन करते हुए उनको अपनी बहन बताया था.



जया किशोरी की तरफ से इस बात पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. पर्सनल लाइफ के साथ-साथ जया किशोरी अपनी खूबसूरती के लिए भी चर्चा में रहती हैं. सोशल मीडिया में जया किशोरी के काफी फॉलोअर्स हैं.



हालांकि जया किशोरी ने एक बार यह जरूर कहा था कि अगर उनकी शादी कोलकाता में होती है तो काफी सही रहेगा. इससे वो अपने माता पिता के पास हो रहेंगी. लेकिन अगर उनकी शादी कोलकाता से बहार होती है तो उनकी शर्त रहेगी.



उनका कहना है कि जहां भी वो रहेंगी उनके माता पिता भी उनके आस पास ही कहीं घर लेकर शिफ्ट हो जाएं. वो अपने माता-पिता के करीब ही रहना चाहती हैं.

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जया किशोरी अकसर नारायण सेवा संस्थान के बच्चों के साथ समय व्यतीत करती हैं. वे अपनी कमाई का काफी अंश इस आश्रम को दान भी करती हैं.