500 रूपये लेकर मुंबई आया था यह आदमी, दुनिया में खड़ा कर दिया अपना साम्राज्य

दौलत और शोहरत के मामले में देश में आज अंबानी परिवार को कौन नहीं जानता. भारत के सबसे अमीर परिवार और एशिया में अपना वर्चस्व रखने वाले अंबानी परिवार के बारे में हर कोई जानना चाहता है. उनका जीवन प्रेरणा स्रोत है. उनके व्यवसाय का तरीका आज भी नए व्यवसायियों के लिए सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है.

आज भारत रिलायंस मोबाइल से लेकर जियो और बिग बाजार जैसी कई कंपनियों के सहारे अपने जीवन को आसान बना रहा है. यह सब अंबानी परिवार की ही देन कही जा सकती है. आइए आज आपको उसी अंबानी परिवार के कुछ रोचक तथ्य के बारे में बताते हैं.



मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के पिता धीरूभाई अंबानी ने इस बड़े व्यापार की नींव रखी थी. जिसे उनके बेटों ने सफलतापूर्वक संभाला. धीरूभाई अंबानी के बारे में कहा जाता है कि वह मात्र ₹500 लेकर मुंबई आए थे और उन्होंने अपने बिजनेस की शुरुआत की थी. जिस तरह से उन्होंने अपने व्यापार को बढ़ाया और इतने बड़े और अमीर व्यक्ति बने वह अपने आप में एक सुपर मॉडल है.



धीरूभाई अंबानी का जन्म गुजरात में 1932 में हुआ था. उन्होंने बस 10वीं तक पढ़ाई की है. आर्थिक स्थिति नाजुक होने की वजह से उन्हें पढ़ाई छोड़ कर किसी काम की तलाश में घर से बाहर निकलना पड़ा. गुजरात से निकलकर वह विदेश चले गए और यमन में जाकर एक पेट्रोल पंप पर नौकरी करने लगे. वहां पर वह ₹300 महीना का कमाते थे. 4 साल तक नौकरी करने के बाद साल 1953 में उन्होंने भारत वापस लौटने का फैसला किया.



भारत आकर उन्होंने अपना बिजनेस शुरू किया. मात्र ₹500 लेकर उन्होंने मुंबई में कदम रखा था और रिलायंस कॉमर्स कॉरपोरेशन कंपनी की शुरुआत की थी. अपने व्यवसाय की शुरुआत उन्होंने मसालों के व्यापार से की. मसालों को वह बाहर विदेशों में भेजते थे और पॉलिस्टर को वह भारत के बाजार में बेचा करते थे. उनके बिजनेस ने बहुत जल्द रफ्तार पकड़ी और देखते ही देखते व्यापार की दुनिया में वह सातवें आसमान पर पहुंच गए.



धीरूभाई अंबानी दिन में 10 घंटे से ज्यादा काम नहीं करते थे. अपना बचा हुआ समय वह अपने परिवार को देते थे और अपने बच्चों की परवरिश में लगाते थे. अपने बच्चों को दिए गए बिजनेस टिप्स का ही नतीजा है कि आज उनके दोनों बेटे अनिल अंबानी और मुकेश अंबानी एक सफल बिजनेस को संभाल रहे हैं. भारत के व्यापार जगत में मुकेश अंबानी ने अपना एक अलग मुकाम बनाया है और आज वह भारत ही नहीं बल्कि एशिया के सबसे रईस और बड़े गिने-चुने व्यापारियों में शुमार है. भारत में 4G और जियो जैसी आधुनिक तकनीकों की सेवा प्रदान कर उन्होंने देश को भी दुनिया के दौर में अग्रणी रखा है.