आरिफ से दूर होने का दर्द बर्दाश्त न कर सका सारस, पक्षी विहार से उड़कर पहुंचा ‘बी सैया’

वन विभाग की टीम ने सारस को रायबरेली के समसपुर पक्षी विहार में संरक्षित किया था, लेकिन पिछले तीन दिनों से सारस को पक्षी विहार में देखा नहीं गया. सारस के न दिखने पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसा है. अखिलेश ने फिर ट्वीट करके बताया कि सारस को इस गांव के लोगों ने बचा लिया है.

अमेठी के रहने वाले मोहम्मद आरिफ के पास से लाया गया यूपी का राज्य पक्षी सारस उड़ गया है. वन विभाग की टीम ने सारस को रायबरेली के समसपुर पक्षी विहार में संरक्षित किया था, लेकिन पिछले तीन दिनों से सारस को पक्षी विहार में देखा नहीं गया. सारस के न दिखने पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसा है.

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट करके कहा, ‘यूपी वन-विभाग द्वारा अमेठी से ज़बरदस्ती ले जाकर रायबरेली के समसपुर पक्षी विहार में छोड़ा गया बहुचर्चित सारस अब लापता है. यूपी के राज्य-पक्षी के प्रति ऐसी सरकारी लापरवाही एक गंभीर विषय है. भाजपा सरकार तत्काल सारस खोजे, नहीं तो पूरी दुनिया के पक्षी-प्रेमी आंदोलन करेंगे. शर्मनाक!’

अखिलेश का दावा- इस गांव के लोगों ने सारस को बचाया

इस ट्वीट के बाद अखिलेश यादव ने एक और ट्वीट करके दावा किया, ‘यूपी के पक्षी-प्रेमी ‘बी सैया’ नामक गांव को बहुत धन्यवाद जिसने सारस को बचाया, खिलाया पिलाया और वो काम कर दिखाया, जिसमें यूपी की सरकार नाकाम रही. सच तो ये है कि प्रेम से बड़ी सत्ता और कोई हो ही नहीं सकती… भाजपाई अगर समय रहते ये समझ लें तो शायद उनके अंदर की नफ़रत कुछ कम हो जाए.’

अखिलेश ने कहा था- जिससे मिलता हूं, उससे सरकार सबकुछ छीन लेती है

इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि वे जिससे मिलने जाते हैं, सरकार उससे सबकुछ छीन लेती है. अखिलेश ने कहा था कि वन विभाग की टीम उप्र के राजकीय पक्षी सारस को तो स्वतंत्र करने के नाम पर उसकी सेवा करनेवाले से दूर ले गयी, देखना ये है कि राष्ट्रीय पक्षी मोर को दाना खिलानेवालों से स्वतंत्र करने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है.


21 मार्च को टूटी थी आरिफ और सारस की दोस्ती

राज्य पक्षी सारस और आरिफ की दोस्ती 21 मार्च को टूट गई थी. इसके बाद वन विभाग की टीम ने अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के निर्देश पर सारस को समसपुर पक्षी विहार ले जाकर संरक्षित कर दिया था. आरिफ के बिना सारस का यह मन नहीं लगा. बीते 3 दिनों से पक्षी विहार के अंदर सारस को नहीं देखा गया.

सोशल मीडिया में चर्चा का विषय थी आरिफ-सारस की दोस्ती

करीब एक महीने पहले अमेठी के जामो विकास खंड के मंडखा गांव के निवासी आरिफ सोशल मीडिया पर तब चर्चा में आ गए, जब एक सारस पक्षी के साथ उनकी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने लगी. दोनों की दोस्ती की खूब चर्चा हुई. इतना ही नहीं कुछ दिन पहले अमेठी आए अखिलेश यादव ने भी मंडखा जाकर आरिफ और सारस से जाकर मुलाकात की थी.

इसके बाद प्रभागीय वनाधिकारी अमेठी डीएन सिंह ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर सारस को उसके प्राकृतिक वास समसपुर पक्षी विहार में छोड़े जाने की अनुमति मांगी थी. इस पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी ने प्रभागीय वनाधिकारी अमेठी को सारस को सुरक्षात्मक उपाय के साथ समसपुर पक्षी विहार छोड़ने की अनुमति दी.

इसके बाद सारस पक्षी को पशुचिकित्सक, एसडीओ रामवीर मिश्र व क्षेत्रीय वनाधिकारी की टीम ने पक्षी विहार में ले जाकर छोड़ दिया गया. वन अधिकारी ने बताया था कि ये दोस्ती टूटी नहीं है, सारस जोड़े में रहते है वो भटक गया था, उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सारस को प्राकृतिक वासस्थल में पहुंचाया है.

अधिकारी बोले- आरिफ के प्रति नहीं दिखा सारस का प्यार

वन अधिकारियों का कहना था, ‘जब सारस को आरिफ से अलग किया गया और गाड़ी में रखा गया तो उस समय सारस में कोई ऐसी गतिविधि नहीं हुई, जो आरिफ के प्रति प्रदर्शित करता हो. पक्षी विहार में भी छोड़ने पर उसने आरिफ के प्रति कोई प्रेम नहीं दिखाया.’

सारस के जाने के बाद दुखी हुआ था आरिफ का परिवार

सारस के जाने के बाद आरिफ के भाई ने बताया था कि सारस के जाने से हम लोगों को बहुत दुख है, इतना दुख है कि हम लोग बता नहीं सकते, वन विभाग की टीम ने राष्ट्रीय पक्षी का हवाला देकर ले गए, हम लोग चाहते हैं कि जिस तरह से सारस पक्षी हम लोगों के साथ रहता था, यहां पर उसी तरह उसको वहां भी रखा जाय.

कैसे हुई थी दोनों की दोस्ती?

साल 2022 के अगस्त महीने में सारस से आरिफ की मुलाकात उस समय हुई थी, जब यह जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा था. आरिफ ने इसकी जान बचाकर पक्षी के मन में अपने लिए अनोखा प्रेम जगाया. करीब एक साल से सारस आरिफ और उनके परिवार के साथ ही रह रहा है. सारस हर जगह आरिफ का साये की तरह पीछा करता है.

आरिफ जहां-जहां जाते हैं, वह उनके साथ जाता है. आरिफ के परिवार के सभी लोग सारस को परिवार के सदस्य की तरह दुलार करते हैं. मोहमद आरिफ ने बताया कि यह सारस एक साल पहले खेत में मिला था. इसका पैर टूट था. हमने इसका इलाज कराया और घर ला कर खाना खिलाया. इसके बाद से यह हमारे साथ ही रहता है.