इस राशि वाले जातक पर पड़ा है शनि का साया, जानिए कितने साल का रहेगा शनि देव का ये दूसरा चरण

जिन्हें ग्रह नक्षत्रों में और सितारों के चाल ढाल में यकीन होता है, वह शनि की साढ़ेसाती से अच्छी तरह से वाकिफ होते हैं. शनि की साढ़ेसाती सुनते ही दिमाग कौंध जाता है और दुखों के बादल आसमान में मंडराते हुए नजर आने लगते हैं. यह बहुत कष्टकारी होता है.

शनि की साढ़ेसाती तीन चरणों में होती है, जिसमें अलग-अलग चरणों में अलग-अलग तरह की समस्याएं उत्पन्न होती है. कहा जाता है कि अंतिम चरण में जिसको शनि की साढ़ेसाती पकड़ती है, उसको स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने लगती है. दूसरे चरण में व्यक्ति पारिवारिक उथल-पुथल से गुजरता है. शुरुआती चरण आर्थिक परेशानियों का बवंडर लेकर आता है.

मिलाजुला कर देखें तो शनि की साढ़ेसाती किसी भी व्यक्ति के लिए मुसीबतों का पहाड़ लेकर आती है. जिस से पार पाने वाला व्यक्ति बेहद मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने वाले अवस्थाओं से गुजरता है. आइए आज आपको बताते हैं कि फिलहाल किस राशि वाले को शनि की साढ़ेसाती का सामना करना पड़ रहा है.

शनि की साढ़ेसाती का सामना करने वालों मे जिस राशि का नाम आ रहा है, वह है मकर राशि. इस राशि पर फिलहाल शनि की साढ़ेसाती चल रही है. साल 2020 से ही मकर राशि में शनि गोचर कर रहे हैं. मकर राशि वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शनि की इस दूसरे चरण के प्रभाव से उन्हें 29 अप्रैल 2022 को मुक्ति मिलेगी. तब तक किसी भी कार्य को करने में सावधानी बरतने की जरूरत है.

मकर राशि वालों पर शनि हावी है, लेकिन इसमें यह भी कहा जाता है कि जो लोग अच्छे कर्म करते हैं, उस पर शनिदेव की कृपा थोड़ी बनी रहती है और शनि की साढ़ेसाती ज्यादा कष्टकारी नहीं होती है. लेकिन फिर भी जिस बात के लिए शनि की साढ़ेसाती कुख्यात रूप से जानी जाती है, वह तो अपना असर दिखाएगी ही.

बचने के उपाय शनि की साढ़ेसाती से बचने के लिए शनि देव की आराधना करना तो आवश्यक है ही, इसके साथ ही भगवान शिव और हनुमान की भी आराधना की जाती है. भगवान शिव की आराधना के दौरान शिव के मंत्र ओम नमः शिवाय का जाप एवं महामृत्युंजय मंत्र जाप करना चाहिए. सोमवार का दिन भगवान शिव को सबसे प्रिय होता है. इसलिए हर सोमवार को हो सके तो शिवलिंग पर दूध अर्पित करना चाहिए.

काले तिल, उड़द की दाल इत्यादि का दान भी कर सकते हैं. ये सभी शनिदेव से ही संबंधित है. शनि स्त्रोत का पाठ करना भी शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव को कम कर सकता है. इन सब चीजों को ध्यान में रखकर व्यक्ति शनि की साढ़ेसाती से पड़ने वाले प्रभावों को कम किया जा सकता है.